Dehrdun express catches fire, 9 passengers died

News in Hindi: मुंबई। बांद्रा (मुंबई) से चलकर देहरादून जा रही देहरादून एक्सप्रेस (19019) में महाराष्ट्र के घोलवड़ स्टेशन के पास आग लग गई। ट्रेन के तीन स्लीपर कोच में आग लगी, जिसमें एक महिला समेत नौ यात्रियों की मौत हो गई। हालांकि आग पर काबू पा लिया गया है।

देहरादून एक्सप्रेस रात को 12:05 बजे बांद्रा से छूटती है। तकरीबन 2:50 बजे ट्रेन गुजरात सीमा के पास डहाड़ू से आगे निकली थी कि तभी क्रासिंग पर खड़े गेटमैन ने देखा कि ट्रेन में आग लगी है। गेटमैन की सूचना पर गाड़ी को रोककर बचाव कार्य शुरू किया गया। अगर गेटमैन की नजर ट्रेन में लगी आग पर नहीं पड़ती तो हादसा और बड़ा हो सकता था। ट्रेन की एस-2, एस-3 और एस-4 बोगी में आग लगी थी। बताया जा रहा है कि यात्रियों की मौत दम घुटने से हुई है, लेकिन आग लगने के कारणों का पता अभी तक नहीं चला है।

हेल्पलाइन नंबर

फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है। रेलवे की तरफ से दुर्घटना के संबंध में जानकारी करने के लिए ये 022-23011853 और 022-23007388, देहरादून-0135-2624002, 2624003 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। रेल मंत्री ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को एक-एक लाख रुपए और जिन्हें मामूली चोटें आई हैं, उन्हें पचास-पचास हजार रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि 15 दिनों के अंदर ट्रेन में आग लगने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 28 दिसंबर को बेंगलूर से नांदेड़ जा रही नांदेड़ एक्सप्रेस में आग लगने के कारण 26 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में करीब 9 लोग बुरी तरह से झुलस गए थे। यह दुर्घटना ट्रेन नंबर 16594 के सेकंड एसी कोच में हुई थी।

कब-कब हुए कुछ बड़े रेल हादसे– 23 फरवरी 1985 को मध्यप्रदेश में राजानंदगांव एक्सप्रेस में आग से 50 से ज्यादा लोगों की मौत।

– 16 अप्रैल 1990 को पटना में शटल ट्रेन में आग लगने से 70 लोगों की मौत।

– 10 अक्टूबर 1990 को आंध्रप्रदेश के निकट चेरापल्ली में ट्रेन में आग लगने से 40 लोगों की मौत।

– 26 अक्टूबर 1994 को मुंबई-हावडा मेल में आग लगने से 27 लोगों की मौत।

– 15 मई 2003 को गोल्डन टेम्पल मेल में आग लगने से 36 लोगों की मौत।

– 18 अगस्त 2006 को चेन्नई-हैदराबाद एक्सप्रेस में आग, कोई हताहत नहीं।

– 18 अप्रैल 2011 को मुंबई-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में आग। रेलवे की सावधानी के चलते कोई यात्री हताहत नहीं हुआ।

– 12 जुलाई 2011 को नई दिल्ली-पटना राजधानी एक्सप्रेस में आग।

– 22 नवंबर 2011 को हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस में आग, 7 लोगों की मौत।

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Another IAS suspended by UP Govt

News in Hindi : लखनऊ। आइएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति के निलंबन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार एक बार फिर एक आइएएस अधिकारी के निलंबन को लेकर सुर्खियों में है। इस बार मामला है सरकार में खेल निदेशक के तौर पर कार्यरत शैलेश कुमार सिंह का, जिन्हें सैफई में एक स्विमिंग पूल बनने में हो रही देरी के कारण निलंबित कर दिया गया है। मालूम हो कि सिंह पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के करीबी माने जाते हैं।

अगले महीने सेवानिवृत्त होने वाले शैलेश सिंह को निलंबन की जानकारी तब मिली जब वह सैफई के दौरे पर थे। सिंह सैफई में लंदन ओलंपिक में भारत के छह पदक विजेताओं के सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए वहां जा रहे थे। सिंह के निलंबन का कारण सैफई खेल प्रांगण में एक विश्वस्तरीय स्विमिंग पुल के निर्माण में कथित देरी को बताया गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चाहते थे कि स्विमिंग पुल का उद्घाटन सैफई महोत्सव शुरू होने से पहले कराना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सपा द्वारा हर वर्ष आयोजित होने वाला सैफई महोत्सव बृहस्पतिवार से शुरू हो गया।

सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि आइएएस अधिकारी शैलेश सिंह को प्रथम दृष्टया अनियमितताओं और घोर लापरवाही का दोषी पाया गया, जिससे सरकारी योजनाओं में देरी हुई और इसलिए उन्हें राजकीय सेवा नियम के अनुसार तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

सरकार ने सैफई खेल प्रांगण में स्विमिंग पूल के निर्माण के लिए 103.21 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। जिसमें प्रैक्टिस के लिए एक पूल, एक मेन पूल, डाइविंग प्रतियोगिताओं के लिए एक और पूल शामिल थे। इसके साथ ही वहां एक जिम, एक वीआईपी गैलरी, एक प्रशासनिक भवन और खिलाड़ियों के लिए आवास निर्माण भी शामिल था।

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Rain in Delhi, Grip of severe cold

Delhi News: नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर के कई इलाकों में शुक्रवार सुबह हल्की बारिश होने की वजह से पारे में गिरावट दर्ज की गई। आज सुबह करीब 7 बजे मौसम ने अचानक करवट ली और हल्की फुहारों के साथ शुरू हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

मालूम हो कि हिमाचल प्रदेश समेत अन्य पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से दिल्ली-एनसीआर में तापमान गिर गया है। इससे पहले मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने भविष्यवाणी करते हुए कहा था कि मौसम में अधिक कोहरा और नमी की मौजूदगी से हल्की बारिश के आसार बने हैं। बारिश होने से वातावरण में छाया कोहरा छंटेगा। इसके साथ ही तापमान में गिरावट भी होगी।

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They don’t wants to give birth of Rakhi

News in Hindi: नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। अरविंद केजरीवाल के मंत्रिमंडल में शामिल होने जा रही मंगोलपुरी की विधायक राखी बिड़ला के माता-पिता नहीं चाहते थे कि वह इस दुनिया में आए। राखी जब अपनी मां की गर्भ में थीं तो मां ने चिकित्सक की सलाह पर गर्भपात कराने की दवा भी ली थी, लेकिन दवा अपना असर नहीं दिखा सकी। यह खुलासा खुद राखी के पिता भूपेंद्र सिंह बिड़ला ने किया है। उन्होंने बताया कि पहले से तीन संतान होने के चलते वह चौथी संतान नहीं चाहते थे।

घर की खराब माली हालत इसकी वजह थी। सबसे बड़ी बेटी सोनू, बेटे विरेंद्र, विक्रम के बाद राखी सबसे छोटी संतान है। लेकिन दवा ने जब असर नहीं किया तो वह दोबारा अपनी पत्‍‌नी को चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने जांच करने के बाद जब यह कहा कि अब तो ऑपरेशन ही एक रास्ता है तो उन्होंने व उनकी पत्‍‌नी ने गर्भपात का फैसला टाल दिया। उन्होंने सोचा कि दवा लेने के बाद भी जब गर्भ में पल रहे बच्चे को दुनिया में आने से रोका नहीं जा सका तो अब उसे दुनिया में आना ही चाहिए।

भूपेंद्र कहते हैं कि राखी के जन्म के बाद उन्होंने उसके प्रति अपने प्यार में कोई कमी नहीं आने दी। उसके पालन -पोषण से लेकर शिक्षा-दीक्षा में कोई कसर बाकी नहीं रखी। कर्ज लेकर राखी की शिक्षा पूरी करवायी और आज राखी ने उनके परिवार का नाम रोशन कर दिया। दलित परिवार में पैदा हुई राखी का मूल गोत्र बिड़लान है। वह अपनी स्कूल की शिक्षक की गलती के कारण बिड़लान से बिड़ला हो गईं। दरअसल स्कूल के शिक्षक ने उनकी दसवीं कक्षा के प्रमाण पत्र में बिड़लान की जगह बिड़ला लिख दिया था। उसके बाद उनके नाम के आगे बिड़ला जुड़ गया।

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Jayaprada to fight election on congress ticket from Rampur

News in Hindi: मुरादाबाद [ज्ञानेंद्र त्रिपाठी]। फिल्मी दुनिया से आकर आजम खां के शहर रामपुर की सियासी फिल्म बदलने का माद्दा रखने वाली सांसद जयाप्रदा की तीसरी सियासी फिल्म का ट्रेलर अब दिखने लगा है। कल तक आजम द्वारा नवाबी दौर की तोड़ी गई इमारतों का जो मुद्दा आजम और नवेद के बीच था उसे अब जयाप्रदा ने हथिया लिया है। उनकी नजर नवेद की मां की कांग्रेसी सीट पर भी है, जिनको साइकिल पर सवार होकर दो बार जयाप्रदा मात दे चुकी हैं। अब साइकिल नहीं है। सो, कांग्रेस के हाथ का साथ पा कर नई पारी खेलना चाहती हैं और कांग्रेसी सुर में सुर मिलाने लगी हैं।

रामपुर की संसदीय सीट पर अर्से तक नवाबी खानदान के साथ कांग्रेसी कब्जा रहा है तो विधानसभा की सीट पर आजम का दबदबा। पर, वर्ष 2004 के संसदीय चुनाव में यहां की हवा ही बदल गई। अमर सिंह के साथ फिल्मी दुनिया से जयाप्रदा आईं और आजम के नेतृत्व में चुनाव लड़ नवाबी सीट पर काबिज हो गई।

राजनीति की इस दोतरफा की जमीन पर पहली दफा तीसरे चेहरे का उदय हुआ। यहां पर तीसरी पार्टी भाजपा थी, लेकिन उसमें उतनी धार नहीं। पर, 2009 के संसदीय चुनाव में आजम खां ने जयाप्रदा का विरोध किया, लेकिन सपा ने आजम को ही बाहर कर दिया और जयाप्रदा ने आजम खां के विरोध के बावजूद नूरबानो को लगातार दूसरी बार पराजित कर सीट पर कब्जा जमा लिया।

इस तरह जयाप्रदा ने एक बार आजम के साथ तो दूसरी दफा उनके विरोध के बावजूद अपना राजनीतिक रसूख बनाए रखा, लेकिन दोनों बार सपा साथ थी। अब उनके विरोधी आजम हैं, लेकिन उनके साथ कोई पार्टी नहीं है, क्योंकि सपा ने उन्हें निकाल दिया है। ऐसे में जयाप्रदा ने अपनी नई सियासी फिल्म के लिए बैनर खोजना शुरू कर दिया, जिसका संकेत पिछले दिनों तब मिला जब वह रामपुर आईं और राहुल गांधी का गुणगान कर गईं।

नतीजा यह रहा कि राहुल रैली में आए तो कांग्रेस नेत्री के रूप में जयाप्रदा का बैनर भी लगा। इस पर किसी ने कोई विरोध दर्ज नहीं कराया। हां, यह बात फैलने लगी कि इस बार नूरबानो की जगह जयाप्रदा कांग्रेस से चुनाव लड़ेंगी। इसे बल तब मिला जब लोकसभा चुनाव के लिए मुरादाबाद से कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम के पैनल में नूरबानो का नाम भेजा गया, जो रामपुर से लड़ती रही हैं।

बुधवार को रामपुर पहुंची जयाप्रदा ने एक बार फिर खुद इस कयास को पूरा बल दे दिया। उन्होंने घोषणा की कि आजम द्वारा तुड़वाए गए नवाबी दौर के गेट को वह सांसद निधि से बनवाएंगी। अब तक गेट की विधिक व उच्चस्तरीय लड़ाई नूरबानो के बेटे नवेद लड़ते रहे हैं, जो आजम के साथ साथ जयाप्रदा के भी विरोधी रहे हैं। पर, अब इस पूरे मामले को जयाप्रदा भी राष्ट्रपति तक ले जाने व दोषियों को दण्डित कराने की कसम खा रही हैं, जो वैचारिक रूप में सही आजम के विरोधी और आपस में भी सियासी विरोधी नवाब खानदान और जयाप्रदा को एक मंच पर ला दिया है। फिर, जयाप्रदा का यह कहना कि वह रामपुर से ही चुनाव लड़ेंगी और किसी पार्टी से लड़ेंगी, इस बात का साफ संकेत हैं कि सबकुछ ठीक रहा तो जयाप्रदा की तीसरी सियासी फिल्म कांग्रेस के पर्दे पर ही प्रदर्शित होगी, क्योंकि सपा में उनकी राह में आजम रोड़ा हैं तो भाजपा से कोई नजदीकी अभी नहीं दिख रही है।

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Farmer made his son dsp through his farming

News in Hindi:  बहेड़ी। देश की खुशहाली का रास्ता खेतों और खलिहानों से होकर जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की इस विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं बहेड़ी के मध्यमवर्गीय किसान चौधरी अतर सिंह। एक प्रगतिशील किसान के रूप में उन्होंने खेतों में ‘सोना’ उगाते हुए बेटे की हीरे जैसी मेधा को भी तराशा। यह उनकी लगन का फल है कि बेटा आज पुलिस अफसर है। अब अतर सिंह जय किसान बोलते हैं तो बेटा जय जवान।

डंडिया नगला गांव के किसान चौधरी अतर सिंह और उनकी पत्नी शशि का सपना था कि उनका इकलौता बेटा नितेश पुलिस में बड़ा अफसर बने। इसके लिए चौधरी साहब को बड़ी रकम की जरूरत थी। उनके पास खेती के अलावा कोई अन्य साधन न था। खेत भी सिर्फ बारह बीघा, लेकिन हिम्मत व हौसला अपार। बेटे का भविष्य बनाने और खुद को साबित करने की ललक के साथ उन्होंने खेती शुरू की। पहले कुछ कठिनाइयां आईं, मगर उनकी लगन के सामने समस्याएं बौनी होने लगीं। धीरे-धीरे वह खेती से आगे बढ़ते गए। खेती के दम पर ही दस बीघे जमीन और खरीदी। इससे उनकी आय भी बढ़ी। उन्होंने बेटे नितेश को साढ़े तीन साल की उम्र में काठगोदाम के सेंट पॉल स्कूल में दाखिला दिलाया। फिर नैनीताल के बिड़ला स्कूल में उसकी पढ़ाई कराई। इसके बाद नितेश ने दिल्ली विवि के हंसराज कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की, जहां वह अध्यक्ष भी रहा। फिर दिल्ली में ही उसने कोचिंग की। नितेश जब भी समस्याओं के मकड़जाल में फंसते, तो पिता अतर सिंह उसकी हौसला आफजाई करते। चौधरी साहब की लगन और बेटे की मेहनत रंग लाई। नितेश का पीपीएस में सेलेक्शन हो गया।

इन दिनों नितेश लखीमपुर खीरी के धौरहरा में सीओ हैं। बहेड़ी में ही तैनात सीओ कालू सिंह और प्रतापगढ़ में शहीद हुए सीओ जियाउल हक नितेश के बैच के रहे। अब एक घर में किसान और जवान दोनों हैं। इनकी सफलता देखकर यही कहा जा सकता है-

‘मंजिलें मिलेंगी जिनके सपनों में है जान।

पंखों से नहीं, हौसलों से है उड़ान।’

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Aam adami will rule delhi, declared soon

News in Hindi: नई दिल्ली। दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर चल रही ऊहापोह की स्थिति सोमवार को समाप्त हो गई और आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनाने का फैसला कर लिया। उधर, दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता शीला दीक्षित ने केजरीवाल को बधाई देते हुए कहा कि जनता से जो वादे किए गए हैं वह पूरा हो पाना असंभव है। अगर उन्हें विश्वास है तो वो करें, कांग्रेस उन्हें अपना पूरा सहयोग देगी।

‘आप’ की जनता से रायशुमारी की कवायद पूरी करने के बाद पार्टी की अहम बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोगों ने हमें सरकार बनाने के हक में फैसला दिया है, इसलिए हम सरकार बनाएंगे। इसके साथ ही यह संशय भी साफ हो गया कि दल्ली की कुर्सी पर केजरीवाल ही बैठेंगे। इस बाबत वह आज उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। इस बीच, सूत्रों से पता चला है कि ‘आप’ की सरकार 26 दिसंबर को जंतर-मंतर पर शपथ लेना चाहती है। वहीं, पार्टी ने अपने विधायकों को प्रशिक्षण देने का काम शुरू कर दिया है, जो शाम छह बजे तक चलेगा।

गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था और भाजपा अपनी सहयोगी अकाली दल के साथ 32 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। उपराज्यपाल ने सबसे पहले भाजपा को सरकार बनाने का न्यौता दिया लेकिन उनके इन्कार के बाद 28 सीटें जीतकर दूसरे नंबर पर रही आम आदमी पार्टी को बुलाया गया। इससे पहले ही आठ सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने आप को सरकार बनाने के लिए समर्थन बनाने की चिट्ठी उपराज्यपाल को भेज दी। इस प्रकार बहुमत का जादुई आंकड़ा पूरा हो गया। लेकिन ‘आप’ ने कांग्रेस से समर्थन लेकर सरकार बनाने के लिए जनता की राय जानने का फैसला किया और एक सप्ताह में मिले एसएमएस, इंटरनेट पर वोटिंग और 280 सभाओं में आए फैसले के बाद आज ‘आप’ ने सरकार बनाने का फैसला किया।

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