There was no attack on rakhi birla’s car, car glass was broken by ball

News in Hindi:  नई दिल्ली [जासं]। मंगोलपुरी इलाके में रविवार शाम दिल्ली सरकार की महिला व बाल विकास राखी बिड़ला की कार पर हमला नहीं हुआ था, बल्कि क्रिकेट खेल रहे बच्चों की गेंद शीशे पर लगी थी।

घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे और वही बॉल राखी बिड़ला की कार के शीशे पर जा लगी और वह क्षतिग्रस्त हो गई। उन पर कोई हमला नहीं हुआ है। वह झूठ बोल रही हैं। चश्मदीद ने बताया कि इसे लेकर बच्चों ने मंत्री से माफी भी मांगी, लेकिन उन्होंने थाने में एफआइआर दर्ज करा दी। उधर, इस मामले में राखी का कहना है कि उनसे किसी बच्चे ने माफी नहीं मांगी।

राखी ने मंगोलपुरी थाने में दर्ज शिकायत में कहा है कि वह शाम करीब छह बजे मंगोलपुरी के आर ब्लॉक स्थित संतोषी माता मंदिर परिसर में आयोजित स्वागत समारोह में भाग लेने गई थीं। समारोह के समापन के बाद वह अपने समर्थकों के साथ कार में सवार हुई। कार उनके किसी समर्थक की थी। कार के आसपास उनके समर्थक भी खड़े थे। तभी अचानक एक भारी वस्तु पीछे से कार पर आकर लगी। इससे कार का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया।

मंत्री राखी ने बताया कि वह मामले को ज्यादा तूल नहीं देना चाहती थीं। उन्होंने पहले अपनी पार्टी मुख्यालय को मामले की जानकारी दी। वहां से थाने में शिकायत करने की सलाह दी गई। इसके बाद उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। बता दें कि दिल्ली सरकार में शामिल आप मंत्रियों ने पुलिस सुरक्षा लेने से मना कर दिया है। घटना के समय भी राखी के साथ कोई सुरक्षाकर्मी साथ में नहीं था।

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They don’t wants to give birth of Rakhi

News in Hindi: नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। अरविंद केजरीवाल के मंत्रिमंडल में शामिल होने जा रही मंगोलपुरी की विधायक राखी बिड़ला के माता-पिता नहीं चाहते थे कि वह इस दुनिया में आए। राखी जब अपनी मां की गर्भ में थीं तो मां ने चिकित्सक की सलाह पर गर्भपात कराने की दवा भी ली थी, लेकिन दवा अपना असर नहीं दिखा सकी। यह खुलासा खुद राखी के पिता भूपेंद्र सिंह बिड़ला ने किया है। उन्होंने बताया कि पहले से तीन संतान होने के चलते वह चौथी संतान नहीं चाहते थे।

घर की खराब माली हालत इसकी वजह थी। सबसे बड़ी बेटी सोनू, बेटे विरेंद्र, विक्रम के बाद राखी सबसे छोटी संतान है। लेकिन दवा ने जब असर नहीं किया तो वह दोबारा अपनी पत्‍‌नी को चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने जांच करने के बाद जब यह कहा कि अब तो ऑपरेशन ही एक रास्ता है तो उन्होंने व उनकी पत्‍‌नी ने गर्भपात का फैसला टाल दिया। उन्होंने सोचा कि दवा लेने के बाद भी जब गर्भ में पल रहे बच्चे को दुनिया में आने से रोका नहीं जा सका तो अब उसे दुनिया में आना ही चाहिए।

भूपेंद्र कहते हैं कि राखी के जन्म के बाद उन्होंने उसके प्रति अपने प्यार में कोई कमी नहीं आने दी। उसके पालन -पोषण से लेकर शिक्षा-दीक्षा में कोई कसर बाकी नहीं रखी। कर्ज लेकर राखी की शिक्षा पूरी करवायी और आज राखी ने उनके परिवार का नाम रोशन कर दिया। दलित परिवार में पैदा हुई राखी का मूल गोत्र बिड़लान है। वह अपनी स्कूल की शिक्षक की गलती के कारण बिड़लान से बिड़ला हो गईं। दरअसल स्कूल के शिक्षक ने उनकी दसवीं कक्षा के प्रमाण पत्र में बिड़लान की जगह बिड़ला लिख दिया था। उसके बाद उनके नाम के आगे बिड़ला जुड़ गया।

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कांग्रेस से कोई गठजोड़ या तालमेल नहीं: आप

Aam adami will rule delhi, declared soon

News in Hindi: नई दिल्ली। दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर चल रही ऊहापोह की स्थिति सोमवार को समाप्त हो गई और आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनाने का फैसला कर लिया। उधर, दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता शीला दीक्षित ने केजरीवाल को बधाई देते हुए कहा कि जनता से जो वादे किए गए हैं वह पूरा हो पाना असंभव है। अगर उन्हें विश्वास है तो वो करें, कांग्रेस उन्हें अपना पूरा सहयोग देगी।

‘आप’ की जनता से रायशुमारी की कवायद पूरी करने के बाद पार्टी की अहम बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोगों ने हमें सरकार बनाने के हक में फैसला दिया है, इसलिए हम सरकार बनाएंगे। इसके साथ ही यह संशय भी साफ हो गया कि दल्ली की कुर्सी पर केजरीवाल ही बैठेंगे। इस बाबत वह आज उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। इस बीच, सूत्रों से पता चला है कि ‘आप’ की सरकार 26 दिसंबर को जंतर-मंतर पर शपथ लेना चाहती है। वहीं, पार्टी ने अपने विधायकों को प्रशिक्षण देने का काम शुरू कर दिया है, जो शाम छह बजे तक चलेगा।

गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था और भाजपा अपनी सहयोगी अकाली दल के साथ 32 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। उपराज्यपाल ने सबसे पहले भाजपा को सरकार बनाने का न्यौता दिया लेकिन उनके इन्कार के बाद 28 सीटें जीतकर दूसरे नंबर पर रही आम आदमी पार्टी को बुलाया गया। इससे पहले ही आठ सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने आप को सरकार बनाने के लिए समर्थन बनाने की चिट्ठी उपराज्यपाल को भेज दी। इस प्रकार बहुमत का जादुई आंकड़ा पूरा हो गया। लेकिन ‘आप’ ने कांग्रेस से समर्थन लेकर सरकार बनाने के लिए जनता की राय जानने का फैसला किया और एक सप्ताह में मिले एसएमएस, इंटरनेट पर वोटिंग और 280 सभाओं में आए फैसले के बाद आज ‘आप’ ने सरकार बनाने का फैसला किया।

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We need good politician to contest loksabha election: kejriwal

News in Hindi: नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आई आम आदमी पार्टी [आप] के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि आप अकेले दम पर लोकसभा चुनाव नहीं लड़ सकती है। एक निजी चैनल पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ‘आप’ आज की गंदी राजनीति को साफ करने आई है। केजरीवाल ने कहा कि वह चाहते हैं कि अच्छे लोग चाहे वह भाजपा में हों या फिर कांग्रेस में या फिर किसी भी अन्य पार्टी में, उसे छोड़कर उनका साथ दें। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में भी उनके लिए भ्रष्टाचार, सांप्रदायिकता और महंगाई का मुद्दा ही सबसे बड़ा होगा। उनका कहना है कि आप के लिए राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मुलायम सिंह यादव कोई मुद्दा नहीं है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में समय काफी कम है। ऐसे में वह अपने दम पर चुनाव लड़ने का माद्दा नहीं रखती है। इसके लिए उन्हें और इमानदार नेता चाहिए। यदि कोई उनके साथ आना चाहता है तो वह उसका स्वागत करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि इमानदार नेता भाजपा कांग्रेस और दूसरी पार्टियों में घुटन महसूस कर रह हैं और उनके सपंर्क में हैं, लेकिन इसका खुलासा वह समय आने पर ही करेंगे।

दिल्ली में सरकार बनाने के सवाल पर केजरीवाल का कहना था कि यदि आम जनता कहेगी तो वह सरकार बनाएंगे, अन्यथा नहीं। उन्होंने साफ किया कि यदि वह सरकार में आए तो सबसे पहले लोकपाल बिल पास कराएंगे। इसके साथ ही वह 15 वर्षो में शीला दीक्षित द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच कराएंगे। इतना ही नहीं भाजपा द्वारा एमसीडी में किए भ्रष्टाचार की जांच भी की जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में सरकार बनने पर वह जानते हैं कि कांग्रेस कुछ ही समय में अपना समर्थन वापस ले लेगी। लेकिन ऐसे में उसकी असलियत सामने आ जाएगी।

उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह दोनों सोच रहे हैं कि इन्होंने अरविंद केजरीवाल और आप को फांस लिया है, लेकिन हकीकत यह है कि यह खुद अपने ही जाल में फंस गए हैं। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस पर जोड़तोड़ की घटिया राजनीति करने का लगाया। उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा के मंसूबे दिल्ली में पूरे नहीं हो सके नहीं तो वह तीन दिनों में ही विधायकों की खरीद फरोख्त कर सरकार बना लेती।

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BJP rises 14 questions on AAP to form the government

News in Hindi: नई दिल्ली। इस बार भाजपा, आम आदमी पार्टी (आप) को कमतर आंकने की भूल नहीं करेगी, बल्कि कांग्रेस के बजाय ‘आप’ पर जमकर हमला करेगी। इसकी शुरुआत करते हुए भाजपा ने बुधवार को आप पर जोरदार हमला बोला और कहा कि आप जनमत संग्रह के नाम पर ढोंग कर रहा है। साथ ही, कांग्रेस और आप के गठबंधन को अनैतिक बताया।

चुनाव परिणाम आने के बाद पहले संवाददाता सम्मेलन में बुधवार को भाजपा विधायक दल के नेता डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि चुनाव परिणाम आए 11 दिन बीत गए हैं, बावजूद इसके दिल्ली की जनता अनिर्णय की स्थिति में है। इसके लिए आप जिम्मेवार है। आप को 28 सीटें देकर जनता ने दूसरी बड़ी पार्टी के तौर पर चुना है तो फिर इसके नेता फिर से जनमत संग्रह का ढोंग क्यों कर रहे हैं? जबकि इस जनमत संग्रह का परिणाम पहले से ही तय है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और ‘आप’ के बीच चुनाव पहले से अप्रत्यक्ष गठबंधन है और आने वाले दिनों में ये दोनों पार्टियां मिलकर सरकार बनाएंगी। बेशक आप विधायक दल के नेता अरविंद केजरीवाल द्वारा पूछे गए 18 सवालों का जवाब भाजपा ने नहीं दिया है, लेकिन इन सवालों के बदले भाजपा ने उल्टे आप से 14 सवाल पूछे हैं।

– आप जनता को जवाब दे कि दिल्ली में सरकार बनाएगी या नहीं?

– कांग्रेस का समर्थन लेगी या नहीं?

– अनिश्चय की स्थिति से दिल्ली में विकास बाधित हो रहा है, इसके लिए आप दोषी है या नहीं?

– आप द्वारा एक ओर कांग्रेस पर आरोप लगाए जा रहे हैं, दूसरी ओर कांग्रेस के समर्थन से सरकार बना रही है। क्या यह नूरा कुश्ती है?

– दोनों पार्टियों में अंदरखाने क्या ‘डील’ हुई है?

– भाजपा स्पष्ट कर चुकी है कि सरकार नहीं बनाएगी तो आप ने भाजपा को पत्र क्यों लिखा?

– आप नेता प्रशांत भूषण ने कश्मीर को भारत से अलग करने का समर्थन किया था। इस पर आप को अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए।

– सरकार बनाने को लेकर आप द्वारा ड्रामा क्यों रचा जा रहा है?

– तौकीर रजा को समर्थन को लेकर आप अपना स्टैंड स्पष्ट करे?

– क्या केजरीवाल एंड पार्टी समाजसेवी अन्ना हजारे से ज्यादा बुद्धिमान हैं?

– अन्ना हजारे द्वारा पार्टी न बनाने की सलाह क्यों नहीं मानी?

– आप नेता अमर्यादित व असंसदीय भाषा का प्रयोग क्यों करते हैं?

– क्या अन्ना द्वारा लोकपाल का समर्थन करने पर आप जनता की राय मांगेगी?

– क्या आप का उद्देश्य चुनाव लड़ने के नाम पर केवल चंदा वसूलना नहीं है?

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News in Hindi: नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। विधानसभा के चुनाव परिणाम आने के चार दिन बाद उपराज्यपाल नजीब जंग से मिले भाजपा विधायक दल के नेता डॉ. हर्षवर्धन ने उन्हें पार्टी के सरकार न बनाने के निर्णय से अवगत करा दिया। उन्होंने कहा, भाजपा के पास सरकार बनाने के लिए 36 विधायकों का आवश्यक संख्या बल नहीं है, इसलिए वह सरकार नहीं बना सकते। सरकार बनाने के लिए उन्होंने किसी प्रकार की जोड़तोड़ करने से साफ इन्कार कर दिया। उनका पक्ष जानने के बाद उपराज्यपाल नजीब जंग ने 28 विधायकों वाली पार्टी आप के नेता अरविंद केजरीवाल को वार्ता के लिए बुलाया है। यह मुलाकात शनिवार को पूर्वाह्न साढ़े दस बजे होगी।

बृहस्पतिवार शाम उपराज्यपाल से मिलकर लौटे डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, भाजपा राजनीति सत्ता के लिए नहीं बल्कि जनता की सेवा के लिए करती है। उन्होंने सरकार न बना पाने की असमर्थता व्यक्त करते हुए दिल्ली की जनता से क्षमा याचना की है। उधर, भाजपा के इन्कार करने के साथ ही आम आदमी पार्टी (आप) ने भी कहा है कि अब दिल्ली में दोबारा चुनाव होना तय है।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निर्देश पर उपराज्यपाल ने बुधवार रात डॉ. हर्षवर्धन को सरकार बनाने के सिलसिले में वार्ता के लिए बुलाया था। छत्तीसगढ़ में रमन सिंह सरकार के गठन के समारोह से लौटकर बृहस्पतिवार शाम भाजपा नेता ने उप राज्यपाल से मुलाकात की। यह मुलाकात करीब 45 मिनट चली। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि किसी अन्य दल के पास बहुमत है तो वह सरकार बनाए, भाजपा विपक्ष में बैठने को तैयार है। लेकिन ऐसा नहीं होता है और फिर से दिल्ली में चुनाव होते हैं तो इस स्थिति के लिए भाजपा जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव में फिर से प्रयास करेगी और बहुमत मिलने के बाद ही सत्ता पर काबिज होगी। सत्ता हथियाने के लिए भाजपा किसी तरह की जोड़-तोड़ की राजनीति नहीं करेगी। हर्षवर्धन ने एक पत्र भी उपराज्यपाल को सौंपा, जिसमें सरकार बनाने में असमर्थता जताई गई है।

हर्षवर्धन ने लिखा जंग को खत

आदरणीय जंग साहब,

दिल्ली में सरकार बनाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हेतु आपका पत्र प्राप्त हुआ, धन्यवाद। दिल्ली की जनता कमरतोड़ महंगाई, भ्रष्टाचार तथा अन्य ज्वलंत समस्याओं से परेशान है। हताशा और निराशा के बीच ही राजधानी की जनता को विधानसभा के चुनावों का सामना करना पड़ा। मैं पिछले 20 वर्षो से विधायक हूं। हर रोज जनता के दुख दर्द से रूबरू होता हूं। पेशे से एक चिकित्सक होने के कारण मुझे बीमारी और उसके कारणों का मरीज को देखते ही पता चल जाता है। दिल्ली की दो करोड़ जनता की परेशानियों का मूल कारण कांग्रेस का कुशासन और सरकार की दिशाहीन नीतियां रही हैं। दिल्ली की जनता की समस्याओं को लेकर समय-समय पर भाजपा ने सड़कों पर उतर कर और विधानसभा के अंदर आवाज उठाई है। कांग्रेस सरकार ने जनता की समस्याओं को दूर करने के स्थान पर नागरिकों की आवाज को अनसुना किया। परिणाम है कि दिल्ली में कांग्रेस पार्टी को सिर्फ आठ ही सीटें प्राप्त हुई। सरकार की मुखिया तक अपना चुनाव हार गई। विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा स्पष्ट जनादेश प्राप्त करके दिल्ली की जनता के चेहरे पर मुस्कान बिखेरना चाहती थी। ऐसा नहीं हुआ, क्योंकि बहुमत प्राप्त होने में मात्र चार सीटें कम रह गई।

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Kumar Vishwas will fight against Rahul

Delhi election  : नई दिल्ली। दिल्ली में अपनी जीत से गदगद आम आदमी पार्टी [आप] की नजरें अब देश के बड़े दिग्गजों को चित करने पर टिकी हैं। ‘आप’ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी से लेकर तमाम बड़े नेताओं के खिलाफ चुनाव मैदान में ताल ठोंककर उतरने को तैयार है।

कुमार विश्वास ने कहा है कि उत्तर प्रदेश का नागरिक होने के नाते मेरी जिम्मेदारी बनती है कि हम परंपरागत राजनीति के खिलाफ लड़ें। राहुल गांधी देश के दर्द को महसूस नहीं करते हैं। जब देश को उनकी जरुरत होती है तो वे विदेश में होते हैं। हमने देखा है कि सभी पार्टियां सबकुछ समझौते के तहत करती हैं। अमेठी में राहुल के खिलाफ कोई भी प्रत्याशी उतारने से कतराता है। सोनिया के खिलाफ समाजवादी पार्टी अपना प्रत्याशी नहीं खड़ा करती है। उसी तरह से कन्नौज से डिंपल यादव के खिलाफ कोई पर्चा ही नहीं दाखिल करता है और वे निर्विरोध चुन ली जाती हैं। हमको इसके खिलाफ लड़ना है। अगर हमारी पार्टी राहुल के खिलाफ चनाव में उतारती है तो हम जरुर चुनाव लड़ेंगे।

विश्वास ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक प्रत्येक सीट से प्रत्याशी खड़ा करेगी। आम आदमी पार्टी के विधायक मनीष सिसोदिया ने तो यहां तक घोषणा कर दी कि अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ कुमार विश्वास ही चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली में मिली अपार सफलता से उत्साहित पार्टी नेताओं को भरोसा है कि लोकसभा चुनाव में भी जनता कांग्रेस व भाजपा को छोड़कर उसके साथ खड़ी रहेगी।

इससे पहले बुधवार को जंतर-मंतर पर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुने गए सभी विधायकों का परिचय कराया। उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजे से स्पष्ट है कि देश का आम आदमी कांग्रेस व भाजपा के शासन से तंग आ चुका है। हमने विकल्प दिया और उक्त दोनों पार्टियों द्वारा सभी तिकड़मबाजी के बाद भी 28 सीटों पर हमारे प्रत्याशी विजयी हुए। यह ईमानदार राजनीति की शुरूआत के संकेत हैं। केजरीवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश से कांग्रेस के कई दिग्गज चुनाव लड़ते हैं इसलिए पार्टी के नेता वहां पर विशेष तैयारी के साथ तैयारी करेंगे।

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