Kingfisher Airlines employees file complaint against Vijay Mallya

News in Hindi: नई दिल्ली। पिछले कुछ सालों से वित्तीय संकट का सामना रहे विजय माल्या मुसीबतों से घिरे हुए हैं। कभी कर्मचारी हड़ताल पर चले जाते हैं तो कभी विजय माल्या को ही कर्मचारियों को पत्र लिख कर वापस बुलाना पड़ता। तो कभी बैंक उनकी संपत्ति को नीलाम कर देते हैं। इसी क्रम में माल्या की एयरलाइंस कंपनी किंशफिशर एयरलाइन के कर्मचारियों के एक ग्रुप ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

उन्होंने आरोप लगाया है कि माल्या ने उनका शोषण किया है। साथ ही शिकायत में झूठे वादे करने, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले 17 माह से वेतन नहीं दिया गया है। साथ ही दिल्ली पुलिस से आग्रह किया है कि माल्या के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।

कर्मचारियों ने पुलिस उपायुक्त से शिकायत करते हुए कहा है कि हमारी जीविका का कोई और साधन नहीं है, इसलिए हमें पैसा नहीं मिला तो हमारे पास आत्महत्या के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। माल्या आईपीसी की कई धाराओं के तहत झूठे वादे करने, धोखाधड़ी और विश्वासघात के दोषी हैं। शिकायत पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है। पुलिस का कहना है कि हमें किंगफिशर कर्मचारियों की ओर से शिकायत मिली है। हम मामले की गंभीरता को देखकर निर्णय करेंगे की एफआईआर दर्ज की जा सकती है या नहीं।

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Dehrdun express catches fire, 9 passengers died

News in Hindi: मुंबई। बांद्रा (मुंबई) से चलकर देहरादून जा रही देहरादून एक्सप्रेस (19019) में महाराष्ट्र के घोलवड़ स्टेशन के पास आग लग गई। ट्रेन के तीन स्लीपर कोच में आग लगी, जिसमें एक महिला समेत नौ यात्रियों की मौत हो गई। हालांकि आग पर काबू पा लिया गया है।

देहरादून एक्सप्रेस रात को 12:05 बजे बांद्रा से छूटती है। तकरीबन 2:50 बजे ट्रेन गुजरात सीमा के पास डहाड़ू से आगे निकली थी कि तभी क्रासिंग पर खड़े गेटमैन ने देखा कि ट्रेन में आग लगी है। गेटमैन की सूचना पर गाड़ी को रोककर बचाव कार्य शुरू किया गया। अगर गेटमैन की नजर ट्रेन में लगी आग पर नहीं पड़ती तो हादसा और बड़ा हो सकता था। ट्रेन की एस-2, एस-3 और एस-4 बोगी में आग लगी थी। बताया जा रहा है कि यात्रियों की मौत दम घुटने से हुई है, लेकिन आग लगने के कारणों का पता अभी तक नहीं चला है।

हेल्पलाइन नंबर

फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है। रेलवे की तरफ से दुर्घटना के संबंध में जानकारी करने के लिए ये 022-23011853 और 022-23007388, देहरादून-0135-2624002, 2624003 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। रेल मंत्री ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को एक-एक लाख रुपए और जिन्हें मामूली चोटें आई हैं, उन्हें पचास-पचास हजार रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि 15 दिनों के अंदर ट्रेन में आग लगने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 28 दिसंबर को बेंगलूर से नांदेड़ जा रही नांदेड़ एक्सप्रेस में आग लगने के कारण 26 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में करीब 9 लोग बुरी तरह से झुलस गए थे। यह दुर्घटना ट्रेन नंबर 16594 के सेकंड एसी कोच में हुई थी।

कब-कब हुए कुछ बड़े रेल हादसे– 23 फरवरी 1985 को मध्यप्रदेश में राजानंदगांव एक्सप्रेस में आग से 50 से ज्यादा लोगों की मौत।

– 16 अप्रैल 1990 को पटना में शटल ट्रेन में आग लगने से 70 लोगों की मौत।

– 10 अक्टूबर 1990 को आंध्रप्रदेश के निकट चेरापल्ली में ट्रेन में आग लगने से 40 लोगों की मौत।

– 26 अक्टूबर 1994 को मुंबई-हावडा मेल में आग लगने से 27 लोगों की मौत।

– 15 मई 2003 को गोल्डन टेम्पल मेल में आग लगने से 36 लोगों की मौत।

– 18 अगस्त 2006 को चेन्नई-हैदराबाद एक्सप्रेस में आग, कोई हताहत नहीं।

– 18 अप्रैल 2011 को मुंबई-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में आग। रेलवे की सावधानी के चलते कोई यात्री हताहत नहीं हुआ।

– 12 जुलाई 2011 को नई दिल्ली-पटना राजधानी एक्सप्रेस में आग।

– 22 नवंबर 2011 को हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस में आग, 7 लोगों की मौत।

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Jayaprada to fight election on congress ticket from Rampur

News in Hindi: मुरादाबाद [ज्ञानेंद्र त्रिपाठी]। फिल्मी दुनिया से आकर आजम खां के शहर रामपुर की सियासी फिल्म बदलने का माद्दा रखने वाली सांसद जयाप्रदा की तीसरी सियासी फिल्म का ट्रेलर अब दिखने लगा है। कल तक आजम द्वारा नवाबी दौर की तोड़ी गई इमारतों का जो मुद्दा आजम और नवेद के बीच था उसे अब जयाप्रदा ने हथिया लिया है। उनकी नजर नवेद की मां की कांग्रेसी सीट पर भी है, जिनको साइकिल पर सवार होकर दो बार जयाप्रदा मात दे चुकी हैं। अब साइकिल नहीं है। सो, कांग्रेस के हाथ का साथ पा कर नई पारी खेलना चाहती हैं और कांग्रेसी सुर में सुर मिलाने लगी हैं।

रामपुर की संसदीय सीट पर अर्से तक नवाबी खानदान के साथ कांग्रेसी कब्जा रहा है तो विधानसभा की सीट पर आजम का दबदबा। पर, वर्ष 2004 के संसदीय चुनाव में यहां की हवा ही बदल गई। अमर सिंह के साथ फिल्मी दुनिया से जयाप्रदा आईं और आजम के नेतृत्व में चुनाव लड़ नवाबी सीट पर काबिज हो गई।

राजनीति की इस दोतरफा की जमीन पर पहली दफा तीसरे चेहरे का उदय हुआ। यहां पर तीसरी पार्टी भाजपा थी, लेकिन उसमें उतनी धार नहीं। पर, 2009 के संसदीय चुनाव में आजम खां ने जयाप्रदा का विरोध किया, लेकिन सपा ने आजम को ही बाहर कर दिया और जयाप्रदा ने आजम खां के विरोध के बावजूद नूरबानो को लगातार दूसरी बार पराजित कर सीट पर कब्जा जमा लिया।

इस तरह जयाप्रदा ने एक बार आजम के साथ तो दूसरी दफा उनके विरोध के बावजूद अपना राजनीतिक रसूख बनाए रखा, लेकिन दोनों बार सपा साथ थी। अब उनके विरोधी आजम हैं, लेकिन उनके साथ कोई पार्टी नहीं है, क्योंकि सपा ने उन्हें निकाल दिया है। ऐसे में जयाप्रदा ने अपनी नई सियासी फिल्म के लिए बैनर खोजना शुरू कर दिया, जिसका संकेत पिछले दिनों तब मिला जब वह रामपुर आईं और राहुल गांधी का गुणगान कर गईं।

नतीजा यह रहा कि राहुल रैली में आए तो कांग्रेस नेत्री के रूप में जयाप्रदा का बैनर भी लगा। इस पर किसी ने कोई विरोध दर्ज नहीं कराया। हां, यह बात फैलने लगी कि इस बार नूरबानो की जगह जयाप्रदा कांग्रेस से चुनाव लड़ेंगी। इसे बल तब मिला जब लोकसभा चुनाव के लिए मुरादाबाद से कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम के पैनल में नूरबानो का नाम भेजा गया, जो रामपुर से लड़ती रही हैं।

बुधवार को रामपुर पहुंची जयाप्रदा ने एक बार फिर खुद इस कयास को पूरा बल दे दिया। उन्होंने घोषणा की कि आजम द्वारा तुड़वाए गए नवाबी दौर के गेट को वह सांसद निधि से बनवाएंगी। अब तक गेट की विधिक व उच्चस्तरीय लड़ाई नूरबानो के बेटे नवेद लड़ते रहे हैं, जो आजम के साथ साथ जयाप्रदा के भी विरोधी रहे हैं। पर, अब इस पूरे मामले को जयाप्रदा भी राष्ट्रपति तक ले जाने व दोषियों को दण्डित कराने की कसम खा रही हैं, जो वैचारिक रूप में सही आजम के विरोधी और आपस में भी सियासी विरोधी नवाब खानदान और जयाप्रदा को एक मंच पर ला दिया है। फिर, जयाप्रदा का यह कहना कि वह रामपुर से ही चुनाव लड़ेंगी और किसी पार्टी से लड़ेंगी, इस बात का साफ संकेत हैं कि सबकुछ ठीक रहा तो जयाप्रदा की तीसरी सियासी फिल्म कांग्रेस के पर्दे पर ही प्रदर्शित होगी, क्योंकि सपा में उनकी राह में आजम रोड़ा हैं तो भाजपा से कोई नजदीकी अभी नहीं दिख रही है।

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Farmer made his son dsp through his farming

News in Hindi:  बहेड़ी। देश की खुशहाली का रास्ता खेतों और खलिहानों से होकर जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की इस विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं बहेड़ी के मध्यमवर्गीय किसान चौधरी अतर सिंह। एक प्रगतिशील किसान के रूप में उन्होंने खेतों में ‘सोना’ उगाते हुए बेटे की हीरे जैसी मेधा को भी तराशा। यह उनकी लगन का फल है कि बेटा आज पुलिस अफसर है। अब अतर सिंह जय किसान बोलते हैं तो बेटा जय जवान।

डंडिया नगला गांव के किसान चौधरी अतर सिंह और उनकी पत्नी शशि का सपना था कि उनका इकलौता बेटा नितेश पुलिस में बड़ा अफसर बने। इसके लिए चौधरी साहब को बड़ी रकम की जरूरत थी। उनके पास खेती के अलावा कोई अन्य साधन न था। खेत भी सिर्फ बारह बीघा, लेकिन हिम्मत व हौसला अपार। बेटे का भविष्य बनाने और खुद को साबित करने की ललक के साथ उन्होंने खेती शुरू की। पहले कुछ कठिनाइयां आईं, मगर उनकी लगन के सामने समस्याएं बौनी होने लगीं। धीरे-धीरे वह खेती से आगे बढ़ते गए। खेती के दम पर ही दस बीघे जमीन और खरीदी। इससे उनकी आय भी बढ़ी। उन्होंने बेटे नितेश को साढ़े तीन साल की उम्र में काठगोदाम के सेंट पॉल स्कूल में दाखिला दिलाया। फिर नैनीताल के बिड़ला स्कूल में उसकी पढ़ाई कराई। इसके बाद नितेश ने दिल्ली विवि के हंसराज कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की, जहां वह अध्यक्ष भी रहा। फिर दिल्ली में ही उसने कोचिंग की। नितेश जब भी समस्याओं के मकड़जाल में फंसते, तो पिता अतर सिंह उसकी हौसला आफजाई करते। चौधरी साहब की लगन और बेटे की मेहनत रंग लाई। नितेश का पीपीएस में सेलेक्शन हो गया।

इन दिनों नितेश लखीमपुर खीरी के धौरहरा में सीओ हैं। बहेड़ी में ही तैनात सीओ कालू सिंह और प्रतापगढ़ में शहीद हुए सीओ जियाउल हक नितेश के बैच के रहे। अब एक घर में किसान और जवान दोनों हैं। इनकी सफलता देखकर यही कहा जा सकता है-

‘मंजिलें मिलेंगी जिनके सपनों में है जान।

पंखों से नहीं, हौसलों से है उड़ान।’

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Kumar Vishwas will fight against Rahul

Delhi election  : नई दिल्ली। दिल्ली में अपनी जीत से गदगद आम आदमी पार्टी [आप] की नजरें अब देश के बड़े दिग्गजों को चित करने पर टिकी हैं। ‘आप’ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी से लेकर तमाम बड़े नेताओं के खिलाफ चुनाव मैदान में ताल ठोंककर उतरने को तैयार है।

कुमार विश्वास ने कहा है कि उत्तर प्रदेश का नागरिक होने के नाते मेरी जिम्मेदारी बनती है कि हम परंपरागत राजनीति के खिलाफ लड़ें। राहुल गांधी देश के दर्द को महसूस नहीं करते हैं। जब देश को उनकी जरुरत होती है तो वे विदेश में होते हैं। हमने देखा है कि सभी पार्टियां सबकुछ समझौते के तहत करती हैं। अमेठी में राहुल के खिलाफ कोई भी प्रत्याशी उतारने से कतराता है। सोनिया के खिलाफ समाजवादी पार्टी अपना प्रत्याशी नहीं खड़ा करती है। उसी तरह से कन्नौज से डिंपल यादव के खिलाफ कोई पर्चा ही नहीं दाखिल करता है और वे निर्विरोध चुन ली जाती हैं। हमको इसके खिलाफ लड़ना है। अगर हमारी पार्टी राहुल के खिलाफ चनाव में उतारती है तो हम जरुर चुनाव लड़ेंगे।

विश्वास ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक प्रत्येक सीट से प्रत्याशी खड़ा करेगी। आम आदमी पार्टी के विधायक मनीष सिसोदिया ने तो यहां तक घोषणा कर दी कि अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ कुमार विश्वास ही चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली में मिली अपार सफलता से उत्साहित पार्टी नेताओं को भरोसा है कि लोकसभा चुनाव में भी जनता कांग्रेस व भाजपा को छोड़कर उसके साथ खड़ी रहेगी।

इससे पहले बुधवार को जंतर-मंतर पर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुने गए सभी विधायकों का परिचय कराया। उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजे से स्पष्ट है कि देश का आम आदमी कांग्रेस व भाजपा के शासन से तंग आ चुका है। हमने विकल्प दिया और उक्त दोनों पार्टियों द्वारा सभी तिकड़मबाजी के बाद भी 28 सीटों पर हमारे प्रत्याशी विजयी हुए। यह ईमानदार राजनीति की शुरूआत के संकेत हैं। केजरीवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश से कांग्रेस के कई दिग्गज चुनाव लड़ते हैं इसलिए पार्टी के नेता वहां पर विशेष तैयारी के साथ तैयारी करेंगे।

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Narayan sai wants to grab property of asaram

Narayan sai

News in Hindi: अहमदाबाद। सूरत की महिला से रेप मामले में आरोपी नारायण साई को लेकर नया खुलासा हुआ है और यह खुलासा किया है कि उस महिला ने जिसने साई के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया है। महिला ने आरोप लगाया है कि नारायण साई और आसाराम के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। दोनों बाप-बेटे के बीच लड़कियों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। एक बार तो नौबत यहां तक आ गई थी कि नारायण साई ने आसाराम पर पिस्तौल लक तक तान दी थी।

पीड़िता ने खुलासा किया है कि नारायण साई की आसाराम की संपत्ति पर नजर थी। वह इस हद तक गिर चुका था कि इसके लिए वह अपने पिता की सेक्स सीडी तैयार करना चाहता था, ताकि वह आसाराम का भयादोहन कर सारी संपत्ति पर कब्जा कर सके।

एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में पीड़िता ने बताया कि उसने नारायण साई को यह कहते सुना था कि वह अपने पिता की सीडी बनाना चाहता है। इसके लिए उसने आसाराम की कुटिया में एक लड़की को भेजने की योजना भी बनाई थी। रेप पीड़िता ने यह भी खुलासा किया है कि नारायण साई नहाते वक्त लड़कियों के साथ नाचता था।

इसके साथ ही उसने कहा कि नारायण साई अपनी पत्नी को पसंद नहीं करता था और किसी से उसे बात नहीं करने देता था। पीड़िता ने कहा कि उसकी एक अवैध बेटी भी है जो अहमदाबाद में रहती है।

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girl

लखनऊ। कानपुर में एक स्नातक लड़की ने हाईस्कूल फेल लड़के से शादी करने से इन्कार करके साहसिक कदम उठाया। मामला प्रेम विवाह का था लेकिन लड़की ने सच सामने आने के बाद प्रेम को भी त्याग दिया। बात जिंदगी भर साथ निभाने के फैसले की थी तो स्नातक शिक्षित ने संकोच का घूंघट हटाने में देर नहीं की। घरवालों से साफ कह दिया कि हाईस्कूल फेल लड़के से हरगिज शादी नहीं करूंगी। यह सुनते ही झूठ बोलकर शादी करने का अरमान पाले लड़का व उसका परिवार हैरान हो गया। पुलिस चौकी में हुई पंचायत में भी लड़की अपने फैसले से टस से मस नहीं हुई। ऐसे में दो दिन बाद होने वाली शादी वाले दोनों घरों की तैयारियों पर पूर्ण विराम लग गया।

साहसिक फैसला करने वाली लड़की अनुराधा नौबस्ता क्षेत्र के वसंत विहार निवासी गोविंद नारायण की पुत्री है। वह स्नातक शिक्षित है। उसकी एक वर्ष पहले आवास विकास हंसपुरम निवासी महिपाल से दोस्ती हुई थी। महिपाल ने उसे परास्नातक तक शिक्षित होने व एक निजी कंपनी में अच्छे पद पर कार्यरत होना बताया था। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार तक परवान चढ़ गई। दोनों परिवारों ने एक दूसरे को विवाह के बंधने में बांधने का फैसला कर दिया और सगाई कर दी। दोनों घरों में शादी की तैयारियां चल रही थीं। विवाह तीन दिसंबर को था। रविवार को अनुराधा को कहीं से पता चला कि महिपाल हाईस्कूल फेल है तो उसके सारे सपने बिखर गए। लड़के का झूठ बोलना उसे सहन नहीं हुआ। उसने आनन फानन में महिपाल के परिवारवालों को बुलाया और शादी से इन्कार कर दिया। यह सुनते ही लड़के वालों के पैर के नीचे से जमीन खिसक गई। महिपाल के परिवारवालों के साथ ही युवती के घरवाले भी इज्जत की दुहाई देते हुए अनुराधा को समझाने में जुट गये पर वह फैसले से हटी नहीं।

इस पर दोनों परिवार में जमकर कहासुनी हुई। मामला हंसपुरम चौकी में पहुंचा तो भी अनुराधा शादी न करने के फैसले पर अडिग रही और रिश्ता तोड़ दिया। वहीं, महिपाल का आरोप है कि युवती ने उससे तीन हजार रुपये खरीदारी के लिए मांगे थे। नहीं देने पर रिश्ता तोड़ दिया। शिक्षा के मामले पर लड़के का कहना था कि हाईस्कूल फेल होने की बात उसने लड़की को बताई थी। अपने बारे में उसने कोई गलत जानकारी नहीं दी थी।

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